गोरखपुर, अगस्त 5 -- गोरखपुर, निज संवाददाता। सूर्यकुंड धाम में आयोजित 30 दिवसीय श्रावण महोत्सव के सातवें दिन बुधवार को पंडित अवनीश शुक्ला ने कहा कि भगवान शिव की महिमा अपरंपार है, वही आदि और वहीं अंत हैं। अपने भक्तों पर सबसे जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता भगवान शिव हैं। विधि विधान से उनका पूजन करने वाले के सारे मनोरथ वह पूरा करते हैं। सूर्यकुंड धाम विकास समिति द्वारा आयोजित महोत्सव में उन्होंने कहा कि योनि और लिंग इन दोनों स्वरूपों के शिव स्वरूप में समाविष्ट होने के कारण वे जगत के जन्म निरूपण है और इसी नाते जन्म की निवृत्ति के लिए भगवान शिव की पूजा का विशेष विधान है। यह भी पढ़ें- जीवन, सृष्टि और सनातन सत्य के आधार : आचार्य डॉ. भारत भूषण इसके पूर्व प्रात:काल ब्रह्म मुहूर्त में समिति के संयोजक संतोष मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में वैदिक रीति रिवाज...