देवघर, अगस्त 21 -- देवघर/राकेश कर्म्हे शिवोपासना के लिए श्रावण मास को सर्वोत्तम माना गया है। शब्दकल्पदु्रम में श्रावण शब्द के पर्याय के रूप में श्रावणिक: एवं नभस नम: शब्द मिलते हैं। श्रावण शब्द श्रवण और अण से निप्पन्न है, जिसके अनेक अर्थ होते हैं जैसे काल संबंधी श्रवण नक्षत्र में उत्पन्न, पाखंडी, छद्मवेशी और श्रावण माह आदि। डॉ. मोहनानंद मिश्र की मानें तो श्रावण से ही श्रावणी शक निष्पन्न हुआ है, जिसका अर्थ रिसना और टपकना भी है, जो वर्षाकालीन समय चक्र को प्रमाणित करता है। ऐसे भी श्रावण चान्द्रवर्ष के बारह महीनों से पांचवा महीना है और वर्षा ऋतु का प्रथम मास है। भारतीय धार्मिक व्यवहार में चातुर्मास को अत्यंत ही श्रद्धा से देखा जाता है। श्रावण मास भी चातुर्मास के अन्तर्गत आता है। इस मास में शिव को गंगाजल और बिल्वपत्र चढ़ाने से मनोवांछित फल की प...