बांका, जून 10 -- कटोरिया (बांका), निज प्रतिनिधि। सुल्तानगंज से बाबाधाम तक सावन के महीने में चलने वाली लगभग 105 किमी की विश्व प्रसिद्ध कांवर यात्रा केवल धार्मिक ही नहीं, सांस्कृतिक एकता का प्रतीक भी है। बिहार और झारखंड की सीमाओं को लांघती यह यात्रा लाखों कांवरियों को एक डोर में बांधती है। मेले के शुभारंभ में अब महज 49 दिन शेष रह गए हैं। यह भी पढ़ें- श्रावणी मेले की तैयारी शुरू, पहाड़ी मंदिर में सुरक्षा व सुविधाओं पर विशेष जोरकांवरिया पथ की स्थिति बांका जिले के हिस्से में लगभग 54 किलोमीटर का कांवरिया पथ पड़ता है। ऐसे में अभी से युद्धस्तर पर कार्य शुरू नहीं किया गया तो मानसून के बाद तैयारियों को अंतिम रूप देना और भी कठिन हो सकता है। करीब 11 महीने तक वीरान रहने वाले कांवरिया पथ पर कई जगहों पर मौसम की मार साफ दिखाई देने लगी है। पथ के कई हिस्सो...