पटना, जुलाई 31 -- सावन की शुरुआत गुरुवार को श्रवण नक्षत्र और आयुष्मान योग में शुरू हुआ। सावन के पहले दिन शश महापुरुष राजयोग, हंस राजयोग और गुरु-आदित्य राजयोग जैसे बड़े और शुभ संयोग में भक्तों ने मंदिर पहुंच शिव आराधना की। मंदिरों, शिवालयों और ठाकुरबाड़ियों में अहले सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। स्नान कर जलपात्र में जल लेकर भोले भंडारी का जलाभिषेक करते भक्तों ने 'ऊं नम: शिवाय', 'हर-हर बम-बम', 'जय भोलेनाथ' के जयकारे व मंत्रजाप करते दिखे। शाम में मंदिरों को रोशनी से जगमग किया गया है। शहर के मंदिरों और शिवालयों में सुबह से शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, घी, मधु, गन्ने का रस, बेलपत्र, धतूरा, भस्म चढ़ाकर भोले भंडारी की पूजा भक्तों ने की। पूजा का सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा। पटना जंक्शन स्थित हनुमान मंदिर, विजय नगर के मानस मंदिर, कंकड़बाग ...