बोकारो, नवम्बर 24 -- गोमिया। सभी श्रम कानून को विलोपित कर वर्ष 2019 तथा 2020 में बनाए गए चार श्रम संहिताओं को 21 नवंबर से लागू किए जाने के संबंध में मजदूरों को संबोधित देते हुए ठेकेदार मजदूर यूनियन के महासचिव सह झारखंड आंदोलनकारी इफ्तिखार महमूद ने कहा कि श्रम संहिताओं में मजदूरों के हित में नया कुछ नहीं है। मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी देना, नियुक्ति पत्र देना, समान वेतन देना, ओवर टाइम के लिए दोगुनी मजदूरी भुगतान करने का प्रावधान 50 साल पूर्व से है। न्यूनतम मजदूरी अधिनियम वर्ष 1948 में, नियुक्ति पत्र एवं अन्य सुविधाओं से संबंधित औद्योगिक विवाद अधिनियम 1936 से तथा महिला पुरुष को सामान मजदूरी भुगतान करने संबंधी अधिनियम 1970 से देश में प्रभावी है। महमूद ने कहा कि श्रम संहिताओं में मजदूरों के हितों की रक्षा करने के बजाय मजदूरों को नियोक्ता या मा...
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