नई दिल्ली, अप्रैल 14 -- नोएडा में श्रमिकों के उग्र आंदोलन और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही '20 हजार रुपये न्यूनतम वेतन' की खबरों के बीच उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। सरकार ने 20,000 न्यूनतम मजदूरी की खबरों को पूरी तरह भ्रामक और निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। साथ ही, सरकार ने वर्तमान मजदूरी की दरें जारी करते हुए यह भी बताया कि आखिर किन तकनीकी और कानूनी कारणों से अभी राष्ट्रीय स्तर का 'फ्लोर वेज' लागू नहीं हो सका है।भ्रामक खबरों का खंडन और मजदूरी की सच्चाई मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानबूझकर यह झूठ फैलाया जा रहा है कि सरकार ने श्रमिकों का न्यूनतम वेतन Rs.20,000 प्रति माह तय कर दिया है। सरकार ने साफ किया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में अकुशल श्रम...