पूर्णिया, मई 1 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता।आज विश्व श्रमिक दिवस है। खेत-खलिहान से लेकर औद्योगिक इकाईयों का संचालन श्रमिकों की बदौलत ही होती है। श्रमिकों को लेकर सरकारी स्तर पर कई योजनाएं भी बनाई जा रही हैं। मगर श्रमिकों की परेशानी अभी भी खत्म नहीं हो पायी है। आठ घंटे काम और उचित वेतन की मांग आज भी अपेक्षित है। श्रमिकों के आर्थिक विकास के लिए संगठनों की मांग पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाना अभी बांकी है। कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए भी गए हैं। इसके बाद भी श्रमिकों की आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं होने से इस वर्ग की परेशानी जस की तस है। बिहार में लाखों की संख्या में लोग पलायन कर जाते हैं। दूसरे प्रदेशों में उन्हें कई बार उनके साथ दुर्व्यवहार होता है। अन्य राज्य में काम करने वाले प्रवासी मजदूर की मौत पर दो लाख रुपए की सहायता राशि का प्राव...