अयोध्या, अप्रैल 8 -- बीकापुर, संवाददाता । धर्मार्थ सेवा संस्थान के बैनर तले चल रही 84 कोसी परिक्रमा बुधवार को रामपुर भगन ऊंच गांव के प्राचीन एवं पौराणिक स्थल सूर्यकुंड पर पहुंची। श्रद्धा आस्था और विश्वास के साथ आगे परिक्रमा में पड़ने वाली दुश्वारियां भी बौनी साबित हो रहीं हैं। मौसम खराब होने होने से बरसात और आंधी तूफान का भी सामना परिक्रमार्थियों को करना पड़ रहा है। परिक्रमा संचालक गया दास ने बताया कि अवध धाम की शास्त्रीय सीमा चौरासी कोस के परिधि में आती है। इसलिए यह परिक्रमा चौरासी कोस की कही जाती है। इस प्रक्रिया में साधु संत एवं गृहस्थ परिवार के 650 श्रद्धालु यात्री शामिल है।परिक्रमा के महत्व के बारे में रामपुर भगन के हनुमान गढ़ी के महंत एवं ज्योतिषाचार्य दिनेश शास्त्री बताते हैं कि भगवान राम बन जाते समय तमसा नदी होते हुए गयासपुर में र...