सीवान, जनवरी 23 -- मंदिर के पुजारी त्रिभुवन दास ने बताया कि मन्नतें पूरी होने पर मेले के पहले दिन गुरुवार को श्रद्धालुओं ने बाबा को शुद्ध घी से बने लड्डू (रोट) अर्पित किया। श्रद्धालु कहते हैं कि सच्चे मन से मांगी गई मुराद को बाबा अवश्य पूरा करते हैं। यही कारण है कि यहां लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है। इससे दिन पर दिन मेले को लेकर लोगों की श्रद्धा बढ़ती जा रही है। इसमें मुख्य रूप से मल्लाह (निषाद) समुदाय के लोग शामिल होते हैं। इसलिए यह निषाद मेला(मलाही मेला) के नाम से मशहूर है। हालांकि अब इसमें अन्य सभी समुदाय के लोग भी शामिल होने लगे हैं। श्रद्धालुओं ने बताया कि वे लोग कई वर्षों से बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने आते हैं। मेले में आसपास के गांवों के लोगों सहित राज्य के विभिन्न जिलों गोपालगंज, सारण, मोतिहारी, बेतिया, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पूर्णिया, ...