मथुरा, अप्रैल 3 -- राधारानी की ननिहाल मुखराई में आयोजित श्यामा-श्याम मिलन महोत्सव के दूसरे दिन संत प्रेमधन लालन महाराज ने कहा कि ब्रज विशुद्ध प्रेम की भूमि है, जहां के प्रेम के कारण ही ठाकुर ब्रज का कभी विस्मरण नहीं करते। उन्होंने कहा कि ब्रज में प्रिया-प्रियतम की लीलाएं आज भी विद्यमान हैं और यह भूमि साधकों को सिद्धि प्रदान करने वाली है। महंत गर्वीली शरण महाराज के 21वें गोलोकवास के उपलक्ष्य में आयोजित महोत्सव में उन्होंने श्रीमद्भागवत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह प्रसाद स्वरूप है, जो हृदय में आराध्य के प्रति प्रेम उत्पन्न करता है। इससे पूर्व महोत्सव संयोजक महंत यादव शरण महाराज बाबू बाबा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ व्यासपीठ का पूजन किया। जगद्गुरु निंबार्काचार्य राधामोहन शरण देवाचार्य महाराज ने कहा कि ब्रजमंडल प्रभु की नित्यलीला भ...