मथुरा, अप्रैल 4 -- मुखराई ग्राम में आयोजित श्यामा-श्याम मिलनोत्सव के तृतीय दिवस संत प्रेमधन लालन जी महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा में कहा कि संत सद्गुरु की सेवा ही श्रीकृष्ण की सच्ची सेवा है। उन्होंने कहा कि संत सेवा परम सौभाग्य का विषय है और प्रभु अपने भक्तों की हर प्रकार से रक्षा करते हैं। महंत गर्वीली शरण महाराज के इक्कीसवें गोलोकवास के उपलक्ष्य में आयोजित महोत्सव में संत प्रेमधन लालन ने ब्रजभूमि की महिमा बताते हुए कहा कि श्रीकृष्ण आज भी ब्रज में अपनी लीलाएं कर रहे हैं। इससे पूर्व महोत्सव संयोजक महंत यादव शरण महाराज (बाबू बाबा) ने व्यासपीठ का पूजन व आरती की। सायंकाल राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित रासाचार्य स्वामी फतेह कृष्ण महाराज द्वारा चंद्रावली व दान लीला का मंचन किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। लीला के माध्यम से गौरस ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.