मोतिहारी, फरवरी 27 -- नगर निगम क्षेत्र के पतौरा शिव हनुमान मंदिर के निकट श्मशान घाट के अस्तित्व पर संकट गहराता देख यहां के ग्रामीण चिंतित हैं। श्मशान की शेष कुल 03 बीघा साढ़े 18 धुर में से अधिकतर भूमि अतिक्रमण का शिकार हो चुका है। टुनटुन कुशवाहा का कहना है कि पिछले सप्ताह सदर अंचल के अधिकारी ने भी श्मशान की भूमि का निरीक्षण किया। पैमाइश व चहारदीवारी का आश्वासन भी दिया। उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी। श्मशान भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर चहारदीवारी कर जमीन को संरक्षित करने की जरुरत है। गुड्डु कुशवाहा का कहना है कि नगर निगम का सबसे बड़ा श्मशान घाट होने के वावजूद इसका भविष्य अधर में है। यहां अन्य जगहों से भी लोग शव का अंतिम संस्कार करने आते हैं। लेकिन अतिक्रमण होने के वजह से बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जितेन्द्र कुशवाहा का कह...