सिमडेगा, फरवरी 19 -- सिमडेगा, प्रतिनिधि। जिले के छह स्कूलों को छोड़ सभी सरकारी स्कूलों में शौचालय तो बने हैं। लेकिन उनमें से अधिकतर में पानी एवं साफ-सफाई की कमी है। वहीं कई शौचालय में दरवाज़ा, ताला और नियमित देखरेख जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। जबकि कागजों में योजनाएं पूरी दिखती हैं, लेकिन ज़मीन पर हालात कुछ और ही कहानी बयान करते हैं। इसका सीधा असर छात्राओं की पढ़ाई, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मसम्मान पर पड़ रहा है। ठेठईटांगर के राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय ताराबोगा की छात्राओं ने जो हकीकत बताई, वह झकझोर देने वाली है। स्कूल में एकमात्र बालिका शौचालय था, जिसे असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ दिया गया। आज हालात यह है कि छात्राओं को मजबूरी में खुले में जाना पड़ता है। विद्यालय परिसर में चारदीवारी नहीं होने से असुरक्षा का भय हमेशा बना रहता है।...