खगडि़या, फरवरी 17 -- खगड़िया। एक प्रतिनिधि भारत रत्न जन नायक कर्पूरी ठाकुर शोषित, पीड़ित, वंचित, गरीब व उपेक्षितों की आवाज थे। उनके विचारों पर चलकर ही समाज के निचले पायदान के लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है। यह बातें भारतीय नाई समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमेश ठाकुर ने शहर के लक्ष्मी टॉकीज रोड स्थित जिला कार्यालय में कही। उन्होंने कर्पूरी ठाकुर की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म 24 जनवरी 1924 को समस्तीपुर के कर्पूरी ग्राम में व मृत्यु 17 फरवरी 1988 में हुई थी। वे दो बार मुख्यमंत्री, एक बार उपमुख्यमंत्री और दशकों विधायक और विरोधी दल का नेता भी रहे। एक बार समस्तीपुर का सांसद भी रहे, लेकिन अपने लिए एक पक्का का मकान ना बना सके। कोई ऐसा मुख्यमंत्री शायद हो जो सादगीपूर्ण जीवन जीया हो। वही जिलाध्यक्ष श्रवण ठाकुर ने कहा कर्...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.