लखीमपुरखीरी, फरवरी 18 -- पलियाकलां(लखीमपुर)। लगातार शोर के बीच रहने के आदी हो चुके जंगली हाथियों पर अब पटाखों और ढोल बजाने का भी फर्क नहीं पड़ रहा है। पहले ढोल की आवाज सुनकर पीछे हटने वाले हाथी अब गांववालों पर हमलावर हो रहे हैं। इन हाथियों ने पिछले दिनों एक किसान की उस वक्त जान ले ली थी, जब गांववाले शोर मचाकर हाका लगा रहे थे। हाथियों के बदले बर्ताव के बाद वन विभाग ने गांववालों को फिर अलर्ट किया है। उनसे अपील की गई है कि हाथियों के खेतों पर आने की सूचना वन विभाग को दें और खुद हाथियों से मोर्चा लेने की कोशिश न की जाए। नेपाल के शुक्लाफांटा नेशनल पार्क से हाथियों के दल पिछले कई महीनों से दुधवा, कतर्नियाघाट और पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगलों में घूम रहे हैं। कभी ये हाथी आवास और भोजन की तलाश में जंगल के अंदर रहते हैं तो अक्सर बाहर निकलकर फसल रौं...