रांची, मार्च 7 -- चान्हो, प्रतिनिधि। आदिवासी समाज के प्रमुख प्रकृति पर्व सरहुल को पारंपरिक और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाने को लेकर शनिवार को बीजुपाड़ा सामुदायिक भवन में ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सरहुल शोभायात्रा की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई और पर्व की परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखने पर जोर दिया गया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष सरहुल शोभायात्रा में डीजे का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सभी श्रद्धालु पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में अपने-अपने खोडहा के साथ पारंपरिक बाजे-गाजे के साथ जुलूस में शामिल होंगे। ग्रामीणों ने कहा कि सरहुल प्रकृति और संस्कृति से जुड़ा पवित्र पर्व है, इसलिए इसे आदिवासी परंपरा के अनुरूप ही मनाया जाना चाहिए।साथ ही क्षेत्र के अधिक से अधिक लोगों से शोभायात्रा में भाग ...