रांची, दिसम्बर 10 -- रांची, विशेष संवाददाता। केंद्रीय विश्वविद्यालय, झारखंड (सीयूजे) के शिक्षा विभाग और अर्थशास्त्र एवं विकास अध्ययन विभाग की ओर से आयोजित 'सामाजिक विज्ञानों में मात्रात्मक एवं गुणात्मक शोध विधियां' विषय पर आईसीएसएसआर-प्रायोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम (सीबीपी) में बुधवार को डॉ पूर्णचंद्र पाधन, प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग, एक्सएलआरआई, जमशेदपुर, का व्याख्यान हुआ। विषय था 'मात्रात्मक शोध में डेटा विश्लेषण: पैरामीट्रिक और नॉन-पैरामीट्रिक सांख्यिकी की भूमिका'। डॉ पाधन ने शोध में सांख्यिकीय निर्णय लेने की मूलभूत अवधारणाएं समझाईं। उन्होंने मात्रात्मक और गुणात्मक चर, सतत और असतत डेटा के अंतर और उपयुक्त सांख्यिकीय परीक्षणों के चयन पर इनके प्रभाव को स्पष्ट किया। उन्होंने परिकल्पना निर्माण, परिकल्पनाओं के प्रकार और परिकल्पना परीक्षण...
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