बरेली, मई 14 -- देर रात तक जागना, मोबाइल चलाना, अनियमित नींद मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। लोगों में इसके चलते डिप्रेशन और तनाव तो देखा ही जाता है। साथ ही इस तरह से बिगड़ी सर्केडियन रिद्म (जैविक घड़ी) से लोगों में आत्महत्या का खतरा ज्यादा बढ़ गया है। इसका खुलासा एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने अपनी नई शोध में किया है। एमजेपीआरयू के फार्मेसी विभाग के डॉ. अमित कुमार वर्मा और उनकी टीम ने इससे जुड़ी किताबों का अध्ययन करते हुए शोध को पूरा किया। जिसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जनरल बिहेवियरल ब्रेन रिसर्च में प्रकाशित किया गया है। शोध में सामने आया है कि आत्महत्या के विचार और प्रयास सबसे ज्यादा देर रात और सुबह के शुरुआती घंटों में देखे जाते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार इस दौरान दिमाग के भावनाओं को नियंत्रित करने वाले हिस्सों की...