हरिद्वार, जून 4 -- शोध प्रोजेक्ट की सफलता और उसकी उपयोगिता का सबसे महत्वपूर्ण आधार उसकी नोवल्टी (नवीनता) होती है। शोध का प्रारूप, उसकी स्वीकार्यता और सफलता काफी हद तक इसी पर निर्भर करती है। यह बात गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के शिक्षा एवं प्रशिक्षण संकाय द्वारा आयोजित शोध लेखन कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में विषय विशेषज्ञ एवं शोध प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. सुहास ने कही। उन्होंने कहा कि शोध का महत्व केवल अकादमिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से आम जनजीवन में भी सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। नवशोधार्थियों को शोध प्रस्ताव तैयार करते समय शोध समस्या के चयन के साथ-साथ उसके सफल होने की संभावनाओं और सामाजिक उपयोगिता पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। कार्यशाला के संयोजक एवं संकायाध्यक्ष (डीन) प्रो. मुकेश कुमार ने कार्यशाला के उद्देश्य...