प्रयागराज, जुलाई 24 -- इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में प्री-पीएचडी कोर्स-2025 का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। प्रो. अजय जेतली ने हिंदी विभाग की परंपरा को ज्ञान सृजन से जोड़ते हुए शोधार्थियों को जिज्ञासु बने रहने की सलाह दी। प्रो. हितेंद्र मिश्र ने कहा कि शोध ऐसा होना चाहिए, जो समाज और राष्ट्र के काम आए। प्रो. अनुराधा अग्रवाल ने शोध की मौलिकता पर बल देते हुए चैटजीपीटी और गूगल पर अत्यधिक निर्भरता से बचने की सलाह दी। प्रो. भूरेलाल ने शोध की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया। प्रो. अमरेंद्र त्रिपाठी ने आभार जताया। यह भी पढ़ें- उत्कृष्ट शोध समाज व राष्ट्र के विकास की दिशा करता है तय: डॉ. इंदवार

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