वाराणसी, अक्टूबर 5 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रहे बच्चे की देखभाल का असर सिर्फ उसकी जिंदगी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसकी मां की जिंदगी भी बुरी तरह प्रभावित होती है। बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान में हुए शोध के अनुसार सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बच्चों की माताओं की जीवन गुणवत्ता सामान्य महिलाओं जैसी नहीं रह पाती। उनमें शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और पर्यावरण की दृष्टि से सेहत कमजोर पाई गई। इनमें सबसे बड़ा अंतर मानसिक स्वास्थ्य में सामने आया। आईएमएस-बीएचयू के बाल रोग विभाग की पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी इकाई में आने वाले सेरेब्ररल पॉलिसी पीड़ित बच्चों पर शोध हुआ। इसमें सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित 125 बच्चों की माताओं की तुलना सामान्य बच्चों की 125 माताओं से की गई। यह भी पढ़ें- विश्व सेरेब्रल पालसी दिवस : अभिभावकों को भ...