लखनऊ, अप्रैल 15 -- लखनऊ विश्वविद्यालय में भौतिकी विभाग के शोधकर्ताओं ने क्वांटम प्लाज्मा के जटिल व्यवहार को समझने में सफलता हासिल की है। जिससे अब फ्यूजन ऊर्जा के क्षेत्र में भविष्य में सस्ती और प्रदूषण मुक्त बिजली उत्पादन का रास्ता खुलने की उम्मीद है। चिकित्सा क्षेत्र में लेजर-प्लाज्मा तकनीक के जरिए कैंसर उपचार को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। मेटामटेरियल्स को बनाने में भी मदद मिलेगी, इससे स्मार्टफोन और कंप्यूटर जैसे उपकरण अधिक तेज, छोटे और ऊर्जा-कुशल बन सकेंगे। साथ ही यह शोध न्यूट्रॉन सितारों जैसे जटिल खगोलीय पिंडों को समझने में भी सहायक होगा। यह शोध प्रो. पुनीत कुमार के मार्गदर्शन में शोधार्थी प्रभात सिंह ने किया है। जिसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल न्यूक्लियर फिजिक्स बी ने प्रकाशित किया है।शोध में 'पोडोल्स्की-मॉडिफाइड क्यूईडी' के जरि...
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