मेरठ, मार्च 13 -- शैवाल में प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक होती है। इसका उपयोग पोषण, औषधि एवं जैव प्रौद्योगिकी में व्यापक रूप से किया जा सकता है। शैवाल से प्रोटीन निर्माण क्षेत्र में कॅरियर की संभावनाएं हैं। इसे उद्योग की रूप में विकसित किया जा सकता है। सीसीएसयू कैंपस के बॉटनी विभाग में जारी वर्कशॉप में शुक्रवार को एमिटी यूनिवर्सिटी गुरुग्राम के इं.कुंतल शर्मा ने विद्यार्थियों को शैवाल से प्रोटीन निकालने और इसकी मात्रा निर्धारित करने की प्रक्रिया सिखाई। डॉ.रमाकांत ने कार्बोहाइड्रेट निकालने की विधि सिखाते हुए कहा कि शैवाल में मिलने वाले कार्बोहाइड्रेट जैव-ऊर्जा, खाद्य उद्योग और औषधीय उत्पादों के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण हैं।पतंजलि ग्रामोद्योग आए डॉ.आरएस पांडेय ने स्पाइरुलिना द्वारा दुग्ध उत्पादों में मूल्य संवर्धन विषय पर कहा कि स्पाइरुलिना ...