लखनऊ, अप्रैल 12 -- लखनऊ विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक ईमानदारी को प्रोत्साहित करने और शोध कार्य की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने सभी संकाय सदस्यों को प्लेजरिज्म डिटेक्शन सॉफ्टवेयर टर्निटिन से जोड़ा है। इस पहल के साथ शिक्षक अब शैक्षणिक कार्यों की मौलिकता की जांच कर सकेंगे और छात्रों को नैतिक लेखन पद्धतियों का मार्गदर्शन दे सकेंगे। टर्निटिन एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य प्लेजरिज्म् डिटेक्शन सॉफ्टवेयर है, जिसका उपयोग शैक्षणिक संस्थान शोध प्रबंध, शोध पत्र, असाइनमेंट और अन्य शैक्षणिक कार्यों की मौलिकता जांचने के लिए करते हैं। यह सॉफ्टवेयर सामग्री की तुलना वैश्विक डेटाबेस से करता है और नकल या एआई जनित सामग्री की पहचान कर शैक्षणिक ईमानदारी बनाए रखने में मदद करता है। इस सुविधा के माध्यम से शिक्षक न केवल शोध ...