ललितपुर, नवम्बर 20 -- ललितपुर,संवाददाता। जनपद स्थित आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों को शीतलहर से बचाने के लिए जिलाधिकारी ने टीनशेडों की जालियों को पालीथिन याफिर तिरपाल ढकने संग अलाव जलाने के निर्देश दिए हैं। जिस पर अमल प्रारंभ हो चुका है। कई जगहों पर टीनशेड की जालियां पालीथिन से ढकी मिली लेकिन अलाव कुछेक स्थानों पर ही जलते पाए गए। जनपद में अन्ना गोवंशों को संरक्षितक करने के लिए स्थाई और अस्थाई आश्रय स्थलों की संख्या तीस है। इसके अलावा सहभागिता के आधार पर ग्रामीण गोवंशों को अपने घरों में पाल रहे हैं। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो ग्रामीण इलाकों में पांच स्थाई गोवंश आश्रय स्थल, आठ वृहद गो संरक्षण केंद्र, चौदह अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल संचालित हैं। इस तरह ग्रामीण इलाकों के कुल सत्ताई गोवंश आश्रय स्थलों में 27,002 गोवंश संरक्षित हैं। इसके अला...
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