शुद्ध अंतःकरण से प्रार्थना करना जरूरी
कानपुर, अगस्त 31 -- कानपुर। जिला आर्य प्रतिनिधि सभा के वेद प्रचार सप्ताह के दौरान नवाबगंज में आयोजित आर्य समाज की सभा में हरिद्वार से आए स्वामी वेदामृतानंद सरस्वती ने ऋग्वेद के मंत्र की व्याख्या करते हुए कहा कि संपूर्ण चराचर का स्वामी परमात्मा है, जो ब्रह्मांड का सृजन, पालन व संहार करता है। वही सर्व व्यापक होकर मानव के अंदर व बाहर है। प्रत्येक मानव का मुख्य लक्ष्य जन्म मरण के बंधन तोड़ कर मोक्ष की प्राप्ति करना है। इसके लिए शुद्ध अंतःकरण से उपासना करनी चाहिए। अध्यक्षता करते हुए प्रधान डॉक्टर आशा रानी राय ने उपनिषद के मंत्र की व्याख्या की। कहा, शरीर रथ है। यह भी पढ़ें- हवन यज्ञ के साथ वेद प्रचार उत्सव का शुभारंभ आत्मा रथी (स्वामी) है। बुद्धि सारथी की लगाम व इंद्रियां घोड़े हैं। हमें मन रूपी लगाम से इंद्री रूपी घोड़ों को बुद्धि रूपी सारथी स...
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