नई दिल्ली, मई 22 -- Shukra-Ketu Yuti 2026: ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को धन-संपदा, वैभव व ऐश्वर्य आदि का कारक माना जाता है, जबकि केतु को एक रहस्यमयी छाया ग्रह माना जाता है। यह मुख्य रूप से आध्यात्मिकता, वैराग्य, मोक्ष और अप्रत्याशित घटनाओं का कारक माना गया है। इसलिए ज्योतिष में शुक्र व केतु की युति अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। जुलाई में शुक्र और केतु सिंह राशि में एक-दूसरे के बहुत पास आएंगे, जिसका प्रभाव मेष से लेकर मीन राशि पर पड़ सकता है। ज्योतिष गणना के अनुसार, इस समय केतु सिंह राशि में विराजमान हैं और शुक्र 4 जुलाई 2026 को सिंह राशि में गोचर करेंगे। शुक्र के सिंह गोचर से इस राशि में केतु के साथ युति बनाएंगे। शुक्र-केतु की युति से कुछ राशि वालों को जीवन के कई पहलुओं में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। जानें पंडित नरेंद्र उपाध्या...