नई दिल्ली, दिसम्बर 18 -- ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक ग्रह लगातार गतिमान रहते हैं। इस दौरान वे एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। यहां वे अन्य ग्रहों के साथ युति भी करते हैं। अगर शुभ ग्रहों के साथ युति हो, तो शुभ योग का निर्माण होता है और इसके शुभ और सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं। ऐसे शुक्र और गुरु के संयोग से एक योग बनने जा रहा है, जिसका असर कई राशियों पर सकारात्मक तौर पर पड़ेगा। देवताओं के गुरु बृहस्पति मिथुन राशि में वक्री अवस्था में विराजमान है और जून 2026 तक इसी राशि में रहने वाले हैं। ऐसे में गुरु जल्द ही धन-वैभव के कारक शुक्र के साथ संयोग करके षडाष्टक योग का निर्माण करने वाले हैं। शास्त्रों के मुताबिक, 19 दिसंबर को सुबह 7 बजकर 12 मिनट पर गुरु-शुक्र एक-दूसरे से 150 डिग्री पर होंगे, जिससे षडाष्टक दृष्टि योग का निर्माण होग...