संतकबीरनगर, मई 24 -- संतकबीरनगर। पावर कारपोरेशन के निजीकरण का विरोध कर रहे बिजली कर्मचारियों ने कहा कि शीर्ष प्रबंधन की मनमानी से प्रदेश की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। बिजली व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता के नाम पर लागू की गई यह व्यवस्था उपभोक्ताओं, बिजली कर्मियों और स्वयं विभागीय कार्यप्रणाली के लिए गंभीर संकट का कारण बन चुकी है। शिवप्रकाश मौर्य ने कहा कि पहले किसी क्षेत्र की बिजली समस्या के लिए संबंधित जेई अथवा एसडीओ सीधे जिम्मेदार होते थे, जिससे उपभोक्ताओं को त्वरित समाधान मिलता था। लेकिन अब कार्यों को अलग-अलग विंगों में बाँट देने से जवाबदेही समाप्त हो गई है। सभा को राघवेंद्र सिंह, संतोष गुप्ता ने संबोधित किया। यह भी पढ़ें- हेल्पलाइन नंबर 1912 पर शिकायतें दर्ज, समाधान नहीं इस मौके पर प्रिंस गुप्ता, अमरनाथ यादव, दिलीप सिंह, विभव र...