नई दिल्ली, मार्च 18 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूपीजेवीएनएल) द्वारा दायर अपील खारिज कर दी। अपील में एस्सार पावर एमपी लिमिटेड (अब महान एनर्जेन लिमिटेड) के दिवालियापन समाधान को चुनौती दी गई थी। न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और मनमोहन की पीठ ने एनसीएलटी और एनसीएलएटी के एक समान निष्कर्षों को बरकरार रखते हुए कहा कि पहले से लागू की जा चुकी समाधान योजना में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप की जरूरत नहीं थी। यह कानूनी विवाद 2009 के एक समझौते से शुरू हुआ था, जिसके तहत एस्सार पावर एमपी लिमिटेड (ईपीएमपीएल) को रिहंद जलाशय से पानी मिलना था। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच जल शुल्क को लेकर क्षेत्राधिकार संबंधी विवादों की एक श्रृंखला के बाद, ईपीएमपीएल ने सितंबर 2020 में कॉर्पोरेट दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) म...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.