नई दिल्ली, अप्रैल 4 -- सु्प्रीम कोर्ट ने बैंक के एक वरिष्ठ प्रबंधक की बर्खास्तगी को बरकरार करते हुए ध्यान दिलाया कि अधिकार के साथ जवाबदेही भी आती है। अदालत ने कहा कि प्रबंधक के पद के साथ अधिक जिम्मेदारी और गंभीरता जुड़ी होती है। सुप्रीम कोर्ट ने उन आरोपों पर गौर किया कि वरिष्ठ प्रबंधक ने एक अधिकारी और एक बंदूकधारी के साथ मिलकर ग्राहकों के पैसे का निजी लाभ के लिए गबन किया और बैंक रिकॉर्ड चुरा लिए। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें बर्खास्तगी की सजा को अनिवार्य सेवानिवृत्ति में बदल दिया गया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि समान आरोपों के लिए सह-दोषियों अधिकारी और बंदूकधारी को अलग-अलग सजाएं दी गई थीं, पर वरिष्ठ प्रबंधक को सबसे कड़ी सजा दी गई थी।सुप्रीम कोर्ट इस तर्क से सहमत नहीं हुआ। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्य...