हाथरस, जनवरी 1 -- सहपऊ। कड़ाके की सर्दी और शीतलहर के प्रकोप ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। दिन-प्रतिदिन गिरते तापमान और गलन भरी ठंड के कारण आम लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। सुबह और शाम के समय ठंड का असर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। लोग मजबूरी में अपने दैनिक कार्यों के लिए बाहर तो निकल रहे हैं, लेकिन ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेना उनकी मजबूरी बन गया है। चौराहों, बाजारों और गांव की गलियों में लोग अलाव के चारों ओर बैठे नजर आ रहे हैं। इस कड़ाके की सर्दी का असर केवल मनुष्यों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पशु-पक्षी भी इससे बेहाल हैं। ठंड से बचने के लिए गाय, भैंस, कुत्ते और अन्य पशु भी इंसानों के साथ अलाव के पास बैठे दिखाई दे रहे हैं। यह दृश्य सर्दी की भयावहता को दर्शाता है। गरीब, मजदूर और बेसहारा लोगों के लिए यह ...
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