नई दिल्ली, मार्च 6 -- होली के कुछ दिन बाद आने वाला शीतला अष्टमी का पर्व हिंदू परंपरा में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन माता शीतला की पूजा के लिए समर्पित होता है। मान्यता है कि मां शीतला की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और बच्चों को रोगों से रक्षा मिलती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी मनाई जाती है। कई जगहों पर इसे बसौड़ा या बसोड़ा भी कहा जाता है। इस दिन की खास परंपरा यह है कि घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता और एक दिन पहले बना हुआ ठंडा भोजन ही माता को भोग लगाया जाता है। 2026 में कब है शीतला अष्टमी- साल 2026 में शीतला अष्टमी का व्रत 11 मार्च, बुधवार को रखा जाएगा। अष्टमी तिथि की शुरुआत: 11 मार्च, रात 01:54 बजे अष्टमी तिथि समाप्त: 12 मार्च, सुबह 04:19 बजे पूजा का शुभ स...
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