नई दिल्ली, मार्च 10 -- शीतला अष्टमी चैत्र मास की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन माता शीतला की पूजा की जाती है, जिन्हें शीतलता, स्वास्थ्य और बच्चों की रक्षा की देवी माना जाता है। इस पर्व का मुख्य संबंध चेचक, खसरा और अन्य त्वचा रोगों से मुक्ति से जुड़ा है। साल 2026 में शीतला अष्टमी यानी बसोड़ा पर्व 11 मार्च, दिन - बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन माताएं अपने बच्चों को हल्दी का टीका लगाती हैं, लेकिन रोली का प्रयोग वर्जित रखती हैं। इसके पीछे गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक कारण है। आइए जानते हैं कि शीतला अष्टमी पर हल्दी का टीका लगाने का क्या महत्व है और रोली क्यों नहीं लगाई जाती।माता शीतला का शीतल स्वरूप माता शीतला को शीतलता और ठंडक की देवी कहा जाता है। इनका स्वरूप शांत और करुणामयी है। इन्हें चेचक रोग की अधिष्ठात्री भी माना जाता है। मान्यता है क...