सीतापुर, मार्च 10 -- सीतापुर, संवाददाता। होलिका दहन के बाद चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाने वाली शीतला अष्टमी के दिन मां शीतला की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन माता की आराधना करने से चेचक, हैजा और अन्य संक्रामक रोगों का प्रकोप नहीं होता तथा परिवार निरोग रहता है। कई स्थानों पर मां शीतला को बसौड़ा देवी के नाम से भी पूजा जाता है। माताएं और बहनें मंदिरों में पहुंचकर मां शीतला देवी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना करती हैं। होलिका दहन के पश्चात चैत्र माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मां शीतला का पूजन करने का विधान है। इस दिन को शीतला अष्टमी के नाम से मनाया जाता है। शीतला देवी का स्वभाव बड़ा ही मृदु व सरल है सनातन धर्म में विभिन्न प्रकार के पकवानों से माताएं बहने मां शी...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.