बलिया, मई 11 -- बांसडीह, हिन्दुस्तान संवाद। अयोध्या से पधारी शिव कथा मर्मज्ञ साधना शास्त्री ने श्रोताओं को बताया कि भगवान शंकर का विवाह केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि प्रेम, तपस्या, समर्पण और सनातनी संस्कृति का दिव्य संदेश है। कीर्तुपुर स्थित श्रीरामजानकी मठिया पर चल रहे श्रीराम महायज्ञ में शनिवार की शाम प्रवचन में शास्त्री ने बताया कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप किया था। उनकी अटूट भक्ति एवं साधना से प्रसन्न होकर भगवान शंकर ने विवाह करना स्वीकार किया। इधर, रविवार को सुबह से ही यज्ञ मंडप परिक्रमा के लिए क्षेत्रीय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। यह भी पढ़ें- शिव-सती कथा प्रसंग सुन विभोर हुए श्रोता वाराणसी से आए विद्वान आचार्यों के वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद, घंटा-घड़ियाल एवं वैदिक ऋचाओं की गूंज ने...