गोरखपुर, मार्च 29 -- गोरखपुर, निज संवाददाता। राम जानकी नगर स्थित मैरिज हाउस में आयोजित कथा के तीसरे दिन कथा व्यास रमेश भाई शुक्ल ने शिव-विवाह प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भवानी-शंकर श्रद्धा और विश्वास के प्रतीक हैं तथा भगवान राम के प्राकट्य के लिए इनका मिलन आवश्यक है। उन्होंने बताया कि हिमालय जैसी स्थिरता और अहंकार रहित मन से श्रद्धा का जन्म होता है, जिसे गुरु के मार्गदर्शन से विश्वास का स्वरूप मिलता है। श्रद्धा के साथ एकनिष्ठ तप करने से जीवन परिष्कृत होकर भगवान से जुड़ता है। कथा का शुभारंभ मुख्य यजमान सज्जन जालान एवं डॉ. विश्वमित्र भट्ट ने सपत्नीक व्यास पूजन कर किया। कार्यक्रम में अजय सिंह, दीनानाथ शर्मा, दिनेश अग्रवाल, विजय शंकर मिश्रा, वीरेंद्र पांडेय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
हिंदी हिन्दुस्तान की...
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