भागलपुर, मार्च 22 -- एकचारी के रसलपुर स्थित चैती दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित एककुंडीय श्रीशिव शक्ति महायज्ञ के तीसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का वातावरण देखने को मिला। बूंदाबांदी के बावजूद सुबह से ही यज्ञ मंडप की परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। उत्तराखंड के बिजनौर धामपुर से पधारे कथावाचक राधेश्याम व्यास जी महाराज ने शिवमहापुराण की महिमा बताते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को धर्म, ज्ञान और भक्ति के मार्ग पर ले जाने वाला दिव्य शास्त्र है। इसके श्रवण से पापों का क्षय और आध्यात्मिक शांति की प्राप्ति होती है। उन्होंने शिवलिंग प्राकट्य की कथा, भगवान शिव के पूजन की विधि तथा सोमवार के व्रत-पूजन के महत्व को विस्तार से बताया।

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