मुंगेर, फरवरी 10 -- जमालपुर, एक प्रतिनिधि योग माया बड़ी दुर्गा स्थान में चल रहे संगीतमय शिव महापुराण कथा के चाथे दिन हरिद्वार से आए कथा वाचक ज्योतिर्मयानंद जी महाराज ने शिवपूजन विधि सृष्टि वर्णन सती चरित्र शिव विवाह का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि शिव-पार्वती विवाह अनुष्ठान मुख्य रूप से महाशिवरात्रि पर किया जाता है। जिसमे ंभगवान शिव का जलाभिषेक, भष्म के साथ फुलों से श्रृगार, बेलपत्र अर्पन, मां पार्वती जी को सिंदुर तथा ओम नम: शिवाय जाप के साथ शिव पुराण विवाह कथा का पाठ किया जाता है। मनुष्य जीवन में कथा का जितना महत्व होता है उससे कई गुना ज्यादा महत्व शिवपूजन विधि के साथ सती चरित्र शिव विवाह के सुनने से होता है। कथा शिवमहापुराण में शिव पूजन विधि महत्वपूर्ण होता है। आज के युग मे शिव नाम मानव जीवन के लिए संजीवनी बूटी से कम नहीं। क्योंकि यह पू...
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