शिव-पार्वती विवाह प्रेम, तपस्या व भक्ति का प्रतीक
कन्नौज, मई 27 -- तालग्राम, संवाददाता। क्षेत्र के नेकनामपुर बरई गांव में चल रही शिव महापुराण कथा के छठवें दिन बुधवार को भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया।
कथा का महत्व कथा व्यास आचार्य प्रदीप सुंदर महाराज ने कहा कि शिव-पार्वती विवाह प्रेम, कठोर तपस्या और अटूट भक्ति का प्रतीक है। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा पंडाल हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।
माता पार्वती की तपस्या कथावाचक ने बताया कि माता सती द्वारा पिता दक्ष के यज्ञ में आत्मदाह करने के बाद उनका पुनर्जन्म हिमालय राज के घर माता पार्वती के रूप में हुआ। माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए वर्षों तक कठोर तपस्या की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें स्वीकार किया।
विवाह का प्रसंग कथा में भगवान शिव द...
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