बिजनौर, मार्च 27 -- चांदपुर। नगर के देवी मंदिर में चैत्र नवरात्र के अवसर पर आयोजित महारासलीला में आठवे दिन शुक्रवार को वृंदावन से आए कलाकारों ने भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह प्रसंग का जीवंत मंचन कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। लीला में दर्शाया कि माता सती ने हिमाचल राजा के घर पार्वती के रूप में जन्म लिया। नारद मुनि ने हस्तरेखा देखकर बताया कि पार्वती के लिए योग्य वर केवल भगवान शिव ही हैं। यह सुनकर माता मैना चिंतित हुईं, लेकिन पार्वती ने सभी को समझाया और कठोर तपस्या के लिए वन चली गईं। देवताओं ने भगवान शिव से विवाह का आग्रह किया। शिव ने पार्वती की परीक्षा लेने के लिए सप्तऋषियों को भेजा। परीक्षा में सफल होने पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अगले चरण में भगवान श्री कृष्ण के विवाह प्रसंग का मंचन किया गया।...