महाराजगंज, अप्रैल 6 -- भिटौली, हिन्दुस्तान संवाद। शतचंडी महायज्ञ के अवसर पर भिटौली दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित प्रवचन कार्यक्रम में कथा वाचक उमाशंकर पांडेय उर्फ छोटू बाबा ने शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का वर्णन किया। कथा सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।उन्होंने कहा कि भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह केवल एक धार्मिक प्रसंग नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या और अटूट प्रेम का प्रतीक है। माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया, जिससे यह संदेश मिलता है कि सच्ची श्रद्धा और समर्पण से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। इसी क्रम में गाजे-बाजे के साथ शिव बारात भी निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। शिव बारात में भगवान शिव के स्वरूप में सजे कलाकार आकर्षण का केंद्र रहे।

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