बुलंदशहर, जनवरी 21 -- औरंगाबाद। नगर के बुलंदशहर बस स्टैंड स्थित मां चामुंडा मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद भागवत कथा के तीसरे दिन वृंदावन धाम से पधारे कथावाचक शैलेंद्र शास्त्री ने कहा कि भगवान शिव और पार्वती का विवाह एक प्रसिद्ध कथा है। जिसमें भगवान शिव ने पार्वती को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। यह कथा हिंदू धर्म और संस्कृति में बहुत महत्वपूर्ण है। पार्वती ने भगवान शिव को अपना पति बनाने के लिए कठोर तपस्या की थी। भगवान शिव ने उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया और फिर उनका विवाह हुआ था। भगवान शिव और पार्वती का विवाह एक भव्य समारोह में हुआ था, जिसमें सभी देवताओं ने भाग लिया था। यह विवाह हिंदू धर्म में अत्यधिक महत्वपूर्ण पर्व है।जिसे महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है।कथा में जवाहर सैनी, करमवीर भ...
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