देवघर, नवम्बर 18 -- देवघर। कोठिया मैदान में आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण के चौथे दिन सोमवार को व्यासपीठ पर कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिव महिमा, भक्ति-बल और भद्रायु राजा की दिव्य कथा का सारगर्भित वर्णन किया। कथाव्यास ने कहा कि भगवान शिव जिसको प्रसन्न करना चाहते हैं, उसकी साधना के मार्ग स्वयं प्रशस्त कर देते हैं। महादेव अपने भक्तों की परख अवश्य लेते हैं, परंतु यह परीक्षा सदैव उनके कल्याण के लिए होती है। कथा में कहा गया कि जो शिव का भजन करता है, शिवनाम का जाप करता है, उसका मन संसार में नहीं भटकता। प्रत्येक क्षण वह महादेव में ही स्थिर रहता है, क्योंकि "शिव नाम" में अनंत शक्ति निहित है। भद्रायु धर्मनिष्ठ, सत्यप्रिय और शिवभक्त राजा : कथा के क्रम में भद्रायु राजा की कथा का उल्लेख करते हुए कथाव्यास ने भद्रायु राजा का संदर्भ देते हुए बताया...
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