नई दिल्ली, फरवरी 15 -- शिवजी की आराधना के लिए संसार में कई मंत्र और स्तोत्र हैं, लेकिन शिव तांडव स्तोत्र की महिमा अलग ही है। यह केवल एक धार्मिक पाठ नहीं, बल्कि शब्द-शक्ति, लय और अटूट भक्ति का ऐसा संगम है, जो सुनने वाले के भीतर एक नई ऊर्जा का संचार कर देता है। शिव तांडव स्तोत्र सुनने में जितना अच्छा लगता है, साथ में गाना और भी पावरफुल है। अगर आपको शिव तांडव स्तोत्र नहीं आता है और याद करना चाहते हैं तो यहां सरल तरीका है। इसकी लिरिक्स को टुकड़ों में लिखा गया है जिसे आपको पढ़ने में आसानी होगी।भाग 1: जटा और गंगा का वर्णन (श्लोक 1-3)श्लोक 1 जटा-टवी-गलज्जल-प्रवाह-पावित-स्थले गले-अवलम्ब्य-लम्बितां-भुजङ्ग-तुङ्ग-मालिकाम डमड्डमड्डमड्डमन्-निनाद-वड्डमर्वयं चकार-चण्डताण्डवं-तनोतु-नः-शिवः-शिवमश्लोक 2 जटा-कटाह-सम्भ्रम-भ्रमन्-निलिम्प-निर्झरी- विलोल-वीचि-व...