बलिया, जून 10 -- बलिया, वरिष्ठ संवाददाता। बाबा बालखंडी नाथ मंदिर (दिउली) के पास श्री शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन बुधवार को अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्र ने विश्वास और अविश्वास का अंतर समझाया। कहा कि जब जीव के हृदय में विश्वास केन्द्रित होता है, तब जाकर शिव की अविरल भक्ति प्राप्त होती है। वही दृढ़ता जीव को शिव के करीब लेकर जाती है। शिव कुछ और नहीं, हमारे भीतर का विश्वास हैं। यदि भरोसा हो जाय कि शिव हमारे साथ हैं तो कहीं और भटकने की आवश्यकता नहीं है। पंडित मिश्र ने कहा कि संसार के लोगों पर भरोसा करोगे तो धोखा खाना पड़ेगा। खुद पर और अपने महादेव पर भरोसा कीजिए तो निश्चित ही मंजिल तक पहुंच जाएंगे। दूसरे पर किया गया भरोसा टूट सकता है लेकिन अपने आप पर किया गया भरोसा कभी टूटता नहीं। जब चारों ओर से दुख से घिर जाओ तो एक लोटा जेल लेकर श...