नई दिल्ली, मार्च 19 -- नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज में शतावरी: भारत की आयुर्वेदिक विरासत का पुनर्जीवन विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन एवं कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई।सम्मेलन के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड के सीईओ प्रो. महेश कुमार दाधीच ने कहा कि आने वाला समय प्राकृतिक चिकित्सा का है और लोगों को आयुर्वेद व जीवनशैली आधारित उपचार की ओर लौटना चाहिए। उन्होंने बताया कि आंवला, मोरिंगा, अश्वगंधा के बाद अब शतावरी के औषधीय गुणों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।कॉलेज के प्राचार्य प्रो. वीरेंद्र भारद्वाज ने कहा कि इस तरह के आयोजन भारत की समृद्ध आयुर्वेदिक परंपरा को सामने लाने के साथ इसे सामाजिक जागरूकता अभियान का रूप देते हैं। उन्होंने इसे भारतीय ज्ञान परंपरा की समकालीन प्रास...
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