सिद्धार्थ, फरवरी 18 -- उस्का बाजार, हिन्दुस्तान संवाद। कस्बा के प्राचीन शिव मंदिर पर चल रही शिव महापुराण कथा में कथावाचक आचार्य संतोष शुक्ल ने पंचाक्षर मंत्र की महिमा और भस्म की महिमा का बखान किया। उन्होंने बताया कि इस मंत्र के जप से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों के समस्त पापों का हरण कर लेते हैं। शिवपुराण की महिमा सुन श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। उन्होंने पंचाक्षरी मंत्र ओम नमः शिवाय को वेदों का कर्म बताया और कहा कि पंचाक्षरी मंत्र के पांचों अक्षर पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश का प्रतिनिधत्वि करते हैं। इस मंत्र के जप से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा, पापों का नाश और शिव की कृपा से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस मंत्र के नियमित जाप से जीवन में स्थिरता सफलता और आध्यात्मिकता आती है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की पूजा के लिए मूर्ति से अ...