कानपुर, मई 22 -- कानपुर, मुख्य संवाददाता। अब नगर विकास विभाग की विभिन्न परियोजनाओं, वित्त आयोग और नगर निगम निधि द्वारा जो भी विकास कार्य होंगे उनमें शिलापट निर्धारित प्रारूप पर ही लगाने होंगे। शिलान्यास और उद्घाटन में शिलापट अपनी मर्जी से नहीं लगाए जा सकेंगे। अगर ऐसा किया गया तो संबंधित विकास कार्य की रकम का भुगतान नहीं होगा। सांसद, विधायक और पार्षद के नाम अनिवार्य कर दिए गए हैं। जूम मीटिंग के मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि शासन ने पहले से ही शिलापट का प्रारूप निर्धारित कर रखा है। इसमें जनप्रतिनिधियों (लोकसभा सदस्य, सदस्य राज्य सभा, महापौर, विधायक एवं संबंधित वार्ड के पार्षद) का नाम प्रत्येक दशा में अंकित करने के लिए कहा गया है। आदेश के साथ ...