बदायूं, मार्च 22 -- जिले में शिया समुदाय ने इस बार ईद-उल-फितर को पारंपरिक उल्लास के बजाय ग़म की ईद के रूप में मनाया। ईरान के शहीदों और मासूम बच्चियों की शहादत के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए लोगों ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर सादगी से नमाज़ अदा की। शहर के सैय्यदबाड़ा स्थिति मस्जिद ए मुत्तकीन में ईद की नमाज़ मौलाना काशिफ अली ज़ैदी की इमामत में संपन्न हुई। नमाज़ के उपरांत खुतबे में मौलाना ने रमज़ान के रोज़ों और नमाज़ की रूहानी अहमियत पर प्रकाश डाला। इस दौरान माहौल तब गमगीन हो गया जब ईरान की मासूम बच्चियों की शहादत का ज़िक्र किया गया। समुदाय के लोगों ने हाथों में पोस्टर लेकर इन शहीदों को याद किया और उनकी आत्मा की शांति के लिए सामूहिक दुआ मांगी। कार्यक्रम के दौरान ईरान के शहीदों को विशेष रूप से श्रद्धांजलि अर्पित की गई। ज़ैनुल इबा ज़ैदी ने बता...